कोई कितना ही क्यो न जान ले तुझे ,पर
तेरे दिल के तिल का राज़ में ही जानता हु।
….पवन
कोई कितना ही क्यो न जान ले तुझे ,पर
तेरे दिल के तिल का राज़ में ही जानता हु।
….पवन
उनके चले जाने के बाद
धड़कनो ने साथ नही छोड़ा मेरा,
आगर मैं जिंदा हु आज भी
तो फिर सिर्फ इल्जाम उन पर कैसा।
पवन…
मुझे चाहिए बिल्कुल तेरे जैसी (चाय)
किसी दूसरे से बनती ही नही मेरी।
पवन….
कहती है, इतनी मोहब्बत है तुझसे
आगर रुलाया तूने मुझे
तो रोना भी है तेरे सीने से लग कर।
पवन…
छोड़ दिया महलो में रहना उन्होंने ,अपनी मातृभूमि के खातिर
छोड़ आए वो तरसता अपनी माँ की बाहों को,सीने से लगने अपनी मातृभमि के खातिर…
पवन….
तारीखे बदलने से साल बदल सकता है
साल बदलने से अपने नही।
पवन….
में क्या लडू दुसरो से अपनी बुराई पर
खुद की बुराई करता हु तो वो लड़ पड़ती है, मुझसे।
पवन….
सुनो ना……
तुम्हरा लड़ाई करना मंज़ूर है,मुझे
पर यू खामोश रहना नही|
पवन…..
कर्ज लिया था मोहब्बत का उनसे
तभी तो आज भी मेरी खुशिया गिरवी है उनके पास।
पवन….
टूट गए ख्याब कोई नई बात नही
फिर मिल गया कोई नया ख्वाब बुनने के ख़ातिर।
पवन….