छोड़ दिया महलो में रहना उन्होंने ,अपनी मातृभूमि के खातिर
छोड़ आए वो तरसता अपनी माँ की बाहों को,सीने से लगने अपनी मातृभमि के खातिर…
पवन….
छोड़ दिया महलो में रहना उन्होंने ,अपनी मातृभूमि के खातिर
छोड़ आए वो तरसता अपनी माँ की बाहों को,सीने से लगने अपनी मातृभमि के खातिर…
पवन….